तेरे इन पैसो पर सबका हक़ है
तेरा हक़ है, मेरा हक़ है
जिस माटी में यौवन चमका
उस शहर,उस गांव का हक है
जिस माँ ने आँचल में पाला
थोड़ा सा तो उनका हक़ है
संगी साथी, ताल तलैय्या
समझो मानो,उनका भी हक़ है
ऊँगली पकड़ी, कलम थमाई
उस गुरु, गुरूज्ञान का हक़ है
कंधे पर जिनके है झूला
उस पिता, उस बाप का हक़ है
जिस बहना संग माटी गुंथे
उस राखी,उस क़र्ज़ का हक़ है
प्रेम में जिनके, भुला सबकुछ
उस प्रीत, उस गीत का हक़ है
जिन रिश्तों से आशीष पाया
उन भाई, नातो का हक़ हैं
राह किनारे, हाथ पसारे
कुछ ना कुछ तो उनका हक़ है
तेरा हक़ है, मेरा हक़ है
तेरे इन पैसो पर सबका हक़ है
तेरा हक़ है, मेरा हक़ है
जिस माटी में यौवन चमका
उस शहर,उस गांव का हक है
जिस माँ ने आँचल में पाला
थोड़ा सा तो उनका हक़ है
संगी साथी, ताल तलैय्या
समझो मानो,उनका भी हक़ है
ऊँगली पकड़ी, कलम थमाई
उस गुरु, गुरूज्ञान का हक़ है
कंधे पर जिनके है झूला
उस पिता, उस बाप का हक़ है
जिस बहना संग माटी गुंथे
उस राखी,उस क़र्ज़ का हक़ है
प्रेम में जिनके, भुला सबकुछ
उस प्रीत, उस गीत का हक़ है
जिन रिश्तों से आशीष पाया
उन भाई, नातो का हक़ हैं
राह किनारे, हाथ पसारे
कुछ ना कुछ तो उनका हक़ है
तेरा हक़ है, मेरा हक़ है
तेरे इन पैसो पर सबका हक़ है
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