लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ,
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम, मैं पाकिस्तान हूँ।
नफरत के बीज अब पुरे पक चुके हैं,
फसलें कट रही हैं, नई फ़सल का इंतजार है,
जिन्ना से ज्यादा, गाँधी, जरूरत जिस देश को
वहां दाऊद और हाफिज हमारे ठेकेदार हैं.
लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
मलाला पढ़ नहीं सकती अभिस्प्त हैं यहाँ,
पर इंसानियत के गुनहगार, सरे राह बाजार हैं,
खून और बारूद के फल सरेआम मिलती हैं,
अबला और मासूमों की मैयत यहाँ जिहाद हैं।
लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम, मैं पाकिस्तान हूँ।
नफरत के बीज अब पुरे पक चुके हैं,
फसलें कट रही हैं, नई फ़सल का इंतजार है,
जिन्ना से ज्यादा, गाँधी, जरूरत जिस देश को
वहां दाऊद और हाफिज हमारे ठेकेदार हैं.
लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
मलाला पढ़ नहीं सकती अभिस्प्त हैं यहाँ,
पर इंसानियत के गुनहगार, सरे राह बाजार हैं,
खून और बारूद के फल सरेआम मिलती हैं,
अबला और मासूमों की मैयत यहाँ जिहाद हैं।
लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
तन से उतरते कपड़े, हवाईअड्डे, हर देश, सरे-आम
पासपोर्ट भी हमारे, शर्मिंदगी का गजब एहसास है
पनपती है आतंकवाद की हर नस्ल, गली-मोहल्ले
बच्चों की मासूमियत का कत्ल, करती सरकार है।
लाखो लाशों से बना मैं पाकिस्तान हूँ
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
ज़न्नत की आस में बना जहन्नुम मैं पाकिस्तान हूँ।
(अगर अच्छी लगे तो follow करें एवं कमेंट लिखें। धन्यवाद )
Sach hai.
ReplyDelete