ना जानू मैं मंदिर - मस्जिद
ना मैं जानू गुरुद्वारा
तुम प्रियतम हो मेरे अपने
इस जीवन की मधुशाला
भोर गुलाबी, शाम शराबी,
पीकर नैनो का तेरे हाला
मदमस्त मचलती निशा हो तुम
तू ही जीने की अभिलाषा
सुर्ख लबों की रंगत तेरी
जाम छलकती जैसी प्याला
भीनी भीनी स्नेह की खुशबू
तुम न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण
मैं धरती का, एक तारा,
तुम मेरी ब्रह्माण्ड सुंदरी,
मैं तेरा गरबरझाला,
तुम प्रियतम हो मेरे अपने
इस जीवन की मधुशाला।
ना मैं जानू गुरुद्वारा
तुम प्रियतम हो मेरे अपने
इस जीवन की मधुशाला
भोर गुलाबी, शाम शराबी,
पीकर नैनो का तेरे हाला
मदमस्त मचलती निशा हो तुम
तू ही जीने की अभिलाषा
सुर्ख लबों की रंगत तेरी
जाम छलकती जैसी प्याला
भीनी भीनी स्नेह की खुशबू
संपूर्ण हुआ ये मतवाला
तुम न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण
मैं धरती का, एक तारा,
तुम मेरी ब्रह्माण्ड सुंदरी,
मैं तेरा गरबरझाला,
तुम प्रियतम हो मेरे अपने
इस जीवन की मधुशाला।
(अगर अच्छी लगे तो follow करें एवं कमेंट लिखें। धन्यवाद )
Sundar.
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